दुर्ग भाजपा में सब ठीक है? मुख्यमंत्री के दौरे ने बढ़ाई नई राजनीतिक चर्चाएं….मुख्यमंत्री के कार्यक्रम ने फिर गर्म की दुर्ग की राजनीति
डिजिटल डेस्क | दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दुर्ग दौरे के दौरान जहां 737 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ, वहीं कार्यक्रम के राजनीतिक संदेशों ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आईटी पार्क और स्विमिंग पूल के लोकार्पण के साथ झाड़ूराम जीआरडी स्कूल में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में सत्ता संगठन और स्थानीय राजनीति की कई तस्वीरें चर्चा का विषय बन गईं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री एवं दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव लगातार कार्यकर्ताओं और मुख्यमंत्री के साथ सक्रिय नजर आए। वहीं कई मौकों पर उनके समर्थन में नारे भी गूंजते रहे। दिल्ली में नरेंद्र दुर्ग में गजेंद्र के नारे से गूंज उठा था वहीं दूसरी ओर दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार अपेक्षाकृत अलग-थलग दिखाई दीं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दुर्ग की राजनीति पर नजर रखने वालों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है, जब दोनों नेताओं के बीच दूरी की चर्चा सामने आई हो। इससे पहले भी कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में दोनों के बीच समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। चूंकि दुर्ग विधानसभा और नगर निगम क्षेत्र का बड़ा हिस्सा एक ही राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र में आता है, इसलिए विकास कार्यों और उपलब्धियों के श्रेय को लेकर भी समय-समय पर सियासी अटकलें लगती रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री से विभिन्न मांगें भी रखी गईं। उपस्थित लोगों के बीच इस बात की चर्चा रही कि शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक घोषणा की, जबकि महापौर द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तत्काल कोई घोषणा नहीं हुई। इसके बाद सियासी हलकों में तरह-तरह की व्याख्याएं शुरू हो गईं।
हालांकि भाजपा संगठन या संबंधित नेताओं की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे की तस्वीरों और घटनाक्रम ने दुर्ग की स्थानीय राजनीति में नए सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि यह केवल संयोग था या फिर बदलते राजनीतिक समीकरणों का कोई संकेत।

