CG BREAKING: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव जेल से रिहा
डिजिटल डेस्क | दुर्ग/रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद Soumya Chaurasia और Krishna Kumar Srivastava (केके श्रीवास्तव) को जेल से रिहा कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, Chhattisgarh High Court द्वारा एक माह पूर्व सौम्या चौरसिया को जमानत प्रदान की गई थी। न्यायालय ने यह शर्त रखी थी कि मामले में चालान पेश होने के दिन उनकी रिहाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसी क्रम में बुधवार को Economic Offences Wing (EOW) ने रायपुर स्थित स्पेशल कोर्ट में लगभग 1500 पन्नों का 8वां पूरक चालान प्रस्तुत किया। इस चालान में घोटाले के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के उप सचिव पद पर कार्यरत रहीं सौम्या चौरसिया, केके श्रीवास्तव तथा देवेंद्र डडसेना की भूमिकाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
केके श्रीवास्तव का बयान
जेल से बाहर आने के बाद केके श्रीवास्तव ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं, परंतु वे किसी दल से जुड़े नहीं हैं।
उन्होंने अपनी छवि को लेकर कहा कि दाढ़ी और बाल बढ़ाना उन्हें तांत्रिक साबित नहीं करता, बल्कि यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी कार्रवाई की चिंता नहीं है, क्योंकि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।
51 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
EOW द्वारा अब तक इस मामले में कुल 51 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। नवीन पूरक चालान में घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्य शामिल किए गए हैं।
देवेंद्र डडसेना की भूमिका
जांच में सामने आया है कि देवेंद्र डडसेना, जो राजीव भवन का पूर्व अकाउंटेंट रहा है, ने अवैध धन के संग्रहण, सुरक्षित रखने और निर्देशानुसार ट्रांजैक्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह पूरे सिंडिकेट के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ा हुआ था।
केके श्रीवास्तव पर कैश नेटवर्क संभालने का आरोप
चालान के अनुसार, केके श्रीवास्तव पर अवैध उगाही से प्राप्त नकदी के परिवहन, प्रबंधन, निवेश और उसे खपाने का आरोप है। साथ ही प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित करने की बात भी जांच में सामने आई है।

