आम आदमी की जेब पर फिर हमला!……पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम से बढ़ेगा हर चीज का खर्च! आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने के आसार
डिजिटल डेस्क| देशभर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। वहीं अब रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले दो से तीन हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10-10 रुपये प्रति लीटर तक और इजाफा हो सकता है।
Emkay Global की रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियां लगातार घाटे का सामना कर रही हैं। वर्तमान समय में कंपनियों को प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल पर लगभग 17 से 18 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। मार्च महीने में सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती किए जाने के बावजूद कंपनियों का घाटा कम नहीं हुआ है। अनुमान है कि इस तिमाही में तेल कंपनियों को 57 हजार करोड़ से 58 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ सकता है।
जानकारों के अनुसार रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी आई है। युद्ध से पहले जहां क्रूड ऑयल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों का दबाव सीधे तेल कंपनियों और उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
इधर पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम में 2-2 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में स्थानीय डेयरी कंपनियां भी कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईंधन और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों का असर खुदरा महंगाई पर भी पड़ेगा। आने वाले महीनों में महंगाई दर में लगभग 0.42 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों पर भी देखने को मिल सकता है।
लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

