दुर्ग निगम में हंगामा: स्वच्छता के नाम पर बड़ा खेल? निगम सभा में सभापति का फूटा गुस्सा…..बोले- स्वच्छता के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है…..पहले निगम अपनी व्यवस्था सुधारे
डिजिटल डेस्क |दुर्ग। नगर निगम की सामान्य सभा में स्वच्छता व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को लेकर जमकर हंगामा देखने को मिला। सभा के दौरान सभापति ने निगम प्रशासन, संबंधित प्रभारी अधिकारियों और स्वच्छता व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में खुलेआम कचरा जलाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सभापति ने कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार कचरा जलाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कचरे के अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन कहां हो रहा है और नियमों का पालन कौन सुनिश्चित कर रहा है?
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में वे स्वयं निवास करते हैं, वहां भी नियमित रूप से कचरा जलाया जा रहा है। इसके बावजूद न तो कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे रही है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।
सभा में सभापति ने तीखे शब्दों में कहा कि स्वच्छता के नाम पर जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता। यदि शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है तो सबसे पहले नगर निगम को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कचरा निस्तारण के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई हो रही है?
सभापति ने महापौर, संबंधित MIC सदस्यों और प्रभारी अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कहा कि जनता को वास्तविक स्वच्छता चाहिए, केवल दावों और प्रचार से शहर साफ नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो इसका खामियाजा सीधे आम नागरिकों को भुगतना पड़ेगा।
सामान्य सभा के दौरान प्लास्टिक मुक्त शहर के दावों पर भी सवाल उठे। सभापति ने कहा कि एक ओर नगर निगम प्लास्टिक मुक्त शहर की बात करता है, वहीं दूसरी ओर निगम की बैठकों में ही प्लास्टिक की पानी की बोतलों का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में निगम को पहले स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
सभापति के इन तीखे बयानों के बाद सामान्य सभा का माहौल काफी गरमा गया और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर निगम प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो गए।

