रायपुर ड्रग्स क्वीन केस में ED की एंट्री! 850 हाई-प्रोफाइल कनेक्शन और ब्लैक मनी का होगा बड़ा खुलासा
रायपुर। राजधानी रायपुर के चर्चित ड्रग्स स्कैंडल की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच प्रारंभ कर दी है। ईडी अब ड्रग्स कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जांच करेगी।
ईडी ने मामले से संबंधित चार्जशीट, केस डायरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज पुलिस से मांगे हैं। पुलिस द्वारा पहले ही न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की जा चुकी है तथा मामले का ट्रायल जारी है। ईडी की जांच शुरू होने के बाद मामले से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों में भी हलचल बढ़ गई है।
वर्ष 2025 में हुआ था खुलासा
23 अगस्त 2025 को रायपुर पुलिस ने एमडीएमए ड्रग्स के साथ हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने नाव्या मलिक की भूमिका का खुलासा किया, जिसके आधार पर पुलिस ने मुंबई से उसे गिरफ्तार किया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की निवासी नाव्या मलिक कथित रूप से शहर की कई हाई-प्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की सप्लाई करती थी। पुलिस के अनुसार उसने मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के जरिए एक संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था।
850 से अधिक लोगों से संपर्क
पुलिस जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन से कई अहम जानकारियां सामने आईं। जांच एजेंसियों के अनुसार नाव्या के संपर्क में करीब 850 प्रभावशाली लोग थे। इनमें नेता, कारोबारी, होटल संचालक, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोग और शहर के कई रसूखदार परिवारों के सदस्य शामिल बताए गए थे।
जांच में कई नाइट क्लबों के मैनेजर, बाउंसर और अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई थी। साथ ही विदेश यात्राओं और कथित तौर पर साथ यात्रा करने वाले कुछ लोगों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली थी।
चार्जशीट में बड़ा खुलासा
पुलिस की चार्जशीट के अनुसार पूरे नेटवर्क का खुलासा उस समय हुआ, जब नाव्या मलिक के मंगेतर अयान परवेज ने कथित रूप से दिल्ली से आने वाली ड्रग्स खेप की सूचना पुलिस को दी। चार्जशीट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अयान स्वयं भी कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान में सभी आरोपियों को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।
ईडी की जांच का फोकस
ईडी अब इस बात की जांच कर रही है कि ड्रग्स कारोबार से अर्जित धनराशि का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग, संदिग्ध बैंकिंग लेन-देन और अवैध संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। मामले में वित्तीय जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

