दुर्ग ब्रेकिंग: नौकरी लगाने के नाम पर लोगों को ठगने वाला फरार मास्टर माइंड कांकेर से पकड़ा गया
कांकेर में धोखाधड़ी से प्लाट खरीदने का मामला, आरोपी गिरफ्तार
14 अक्टूबर 2025:
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक बड़े धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें आरोपी अरूण मेश्राम द्वारा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने की घटना सामने आई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का विवरण:
प्रार्थी संतराम देशमुख, ग्राम चिरचार थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद ने 02 जुलाई 2022 को एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि आरोपी भेषराम देशमुख, रविकांत देशमुख और अरूण मेश्राम ने उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया था, और इसके बदले उन्होंने 5 लाख रुपये लेकर धोखाधड़ी की। इस घटना के बाद जांच शुरू की गई, और आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 34 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

आरोपी की गिरफ्तारी और जांच:
विवेचना के दौरान 06 सितंबर 2025 को भेषराम और रविकांत देशमुख को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं, मामले का मास्टरमाइंड अरूण मेश्राम फरार हो गया था और कांकेर जिले में एक किराए के मकान में छिपकर रह रहा था। 14 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की।

आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर करीब 20-25 लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लगभग 40-45 लाख रुपये ठगे। इस राशि का बंटवारा करने के बाद अरूण मेश्राम ने अपने हिस्से से कांकेर में एक प्लाट खरीदी थी और वहीं से अपना घर खर्च चला रहा था।
बरामद संपत्ति:
पुलिस ने आरोपी से प्लाट खरीदने के एग्रीमेंट की छायाप्रति और 4,000 रुपये की नगदी बरामद की।
कार्यवाही में अहम भूमिका:
इस पूरे मामले की जांच में चौकी प्रभारी अंजोरा उनि खेलन सिंह साहू, प्र.आर. सूरज पांडेय, राकेश सिंह, और आर. टोमन देशमुख की अहम भूमिका रही।
आरोपी का विवरण:
नाम: अरूण कुमार मेश्राम
पिता का नाम: स्व. लखन लाल मेश्राम
उम्र: 54 वर्ष
पता: ग्राम परसदा, थाना अभनपुर, जिला रायपुर, वर्तमान में ग्राम भीरावाही, कांकेर, छत्तीसगढ़
आरोपी के खिलाफ कार्यवाही:
अरूण मेश्राम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
आपराधिक मामले का विवरण:
अपराध क्रमांक: 363/2025
धारा: 420, 34 भादवि
इस धोखाधड़ी मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की कड़ी कार्यवाही जारी है और आगे भी दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी मेहनत की जा रही है।

