कोरबा: रेप के आरोपी का अस्पताल में आराम फरमाते वीडियो वायरल, बगल में सोते दिखे पुलिसकर्मी; जांच के बाद कार्रवाई की बात

छत्तीसगढ़ के कोरबा में दुष्कर्म के आरोपी का मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में मोबाइल चलाते और गुटखा खाते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो में आरोपी के बगल वाले बेड पर तैनात दो पुलिस आरक्षक भी आराम करते नजर आ रहे हैं। इसे लेकर आरोपी की अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में कोरबा के सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने जांच के बाद लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।

 

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पवन महतो को 10 अक्टूबर 2026 को पकड़ा गया था। मेडिकल लीगल केस (MLC) और मुलाहिजा जांच के दौरान उसने तबीयत खराब होने की शिकायत की, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल वह स्पेशल वार्ड में भर्ती है और उसकी निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।

 

शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप

 

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता महिला करीब 32 वर्ष की है और कोरबा के खरमोरा इलाके में रहती है। महिला के पति की मृत्यु हो चुकी है। वह अपनी बेटी के साथ माता-पिता के घर रहती है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है।

 

महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि अप्रैल 2022 में सतरेंगा में पिकनिक के दौरान जमीन के सिलसिले में उसकी मुलाकात पवन महतो से हुई थी। आरोपी कोरबा के एक पावर प्लांट में काम करता है। अभिनंदन कॉम्प्लेक्स के पास स्थित उसकी चार डिसमिल जमीन को बिकवाने के सिलसिले में दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी।

 

महिला का आरोप है कि पवन ने उससे शादी करने का भरोसा दिया। 19 अप्रैल 2023 को वह उसे रामपुर हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने किराए के फ्लैट में ले गया, जहां उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए। महिला के मुताबिक, इसके बाद भी आरोपी शादी का भरोसा देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।

 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी वह शादी की बात करती थी, आरोपी अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने की बात कहता था। हालांकि, वह लगातार शादी की बात टालता रहा। परेशान होकर महिला ने 8 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन रामपुर थाने में आवेदन दिया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

 

अस्पताल में भर्ती होने पर उठे सवाल

 

आरोपी का अस्पताल में मोबाइल चलाते और गुटखा खाते हुए वीडियो सामने आने के बाद उसकी स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि जेल जाने से बचने के लिए वह अस्पताल में भर्ती हुआ है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच के दौरान तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

 

पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी होगी जांच

 

आरोपी की निगरानी के लिए तैनात दो आरक्षकों के वीडियो में आराम करते नजर आने के मामले पर सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि उस समय आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी और वह तकनीकी रूप से पुलिस कस्टडी में भी नहीं था। उसके भागने की आशंका को देखते हुए आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।

 

सीएसपी ने कहा कि यदि जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है, तो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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