दुर्ग ब्रेकिंग: ‘संविधान हत्या दिवस’: जब दुर्ग प्रशासन बना सत्ता का प्रचारक, कांग्रेस ने किया कलेक्ट्रेट पर घेराव, वोरा ने कहा : “भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहा है सिस्टम”

 

दुर्ग / आपातकाल की 50वीं बरसी पर आज जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा “संविधान हत्या दिवस” के नाम से एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तिरंगा यात्रा, फोटो प्रदर्शनी, फिल्म प्रदर्शन एवं लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान सहित कई गतिविधियाँ शामिल रहीं।

लेकिन इस आयोजन को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई और कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री श्री अरुण वोरा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देकर प्रशासन पर “सत्ता का दुरुपयोग” करने का आरोप लगाया।

 

अरुण वोरा का तीखा प्रहार:”यह BJP की सोच का प्रचार करने का माध्यम बन गया है प्रशासन”

धरने के दौरान मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अरुण वोरा ने कहा:

“आपातकाल इतिहास का एक अध्याय है, लेकिन उसका मूल्यांकन राजनीतिक दलों द्वारा किया जाना चाहिए, न कि शासकीय तंत्र द्वारा। जब प्रशासन स्वयं किसी दल विशेष की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम करता है, तो यह संविधान और लोकतंत्र दोनों का अपमान है। यह कार्यक्रम भाजपा की लाइन पर चलने का प्रमाण है। जिला प्रशासन को इसकी माफी मांगनी चाहिए।”

 

“प्रशासन को रहना चाहिए निष्पक्ष, न कि भाजपा का प्रचारक” – कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यदि इस तरह के आयोजन किसी राजनीतिक दल द्वारा किए जाएं तो ठीक है, लेकिन जब प्रशासन खुद “संविधान हत्या दिवस” जैसे विवादास्पद शब्दों का उपयोग करता है, तो यह उसकी राजनीतिक पक्षपात की मंशा को दर्शाता है।

 

इस धरना प्रदर्शन में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गया पटेल, ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर, भिलाई अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा, धीरज बाकलीवाल, राजेन्द्र साहू, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, सीजू एंथोनी, दीपक साहू, अब्दुल गनी, भोला महोबिया, दीपक दुबे,राजकुमार पाली, अलताफ अहमद, ज्ञानदास बंजारे, राजकुमार नारायणी, प्रेमलता पोषण साहू, उषा ठाकुर, कन्या ढीमर, निर्मला साहू, रत्ना नारमदेव, शकुन ढीमर, महेश्वरी ठाकुर, श्रद्धा सोनी, संजू धनकर, निकिता मिलिंद, निकिता सिंग, परमजीत भुई, प्रकाश जोशी, पोषण साहू, अश्वनी निषाद, काशीराम रात्रे, शंकर ठाकुर, नीलरतन सोनी, शत्रुघन चक्रधारी, लोकेश चक्रधारी, बिजेन्द्र भारद्वाज, नासीर खोखर, विनोद सेन, एनी पीटर, सुनीत घोष, कमलेश नगारची, त्रिशरण डोंगरे, सन्नी साहू, एजाज खान, संदीप वोरा, पृथ्वी चंद्राकर, विजय साहू, आयुष शर्मा, गौरव उमरे, गुरलीन सिंग, वरुण केवलतानी, सुशील भारद्वाज, विकास सापेकर, विवेक मिश्रा, चिराग शर्मा, राहुल शर्मा, अनूप वर्मा, शिशिरकांत कसार, अमोल जैन, मोहित वालदे, रोहित ताम्रकार, निखिल खिचरिया, अजय जैन, सारस्वत पांडेय, भीम सेन समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित रहे.

 

कांग्रेस की मांग: तत्काल माफी और ऐसे आयोजनों पर रोक

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि:

• यह आयोजन संविधान की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है

• प्रशासन का कर्तव्य निष्पक्षता है, न कि किसी राजनीतिक सोच का प्रचार

• इस आयोजन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्टीकरण देना चाहिए

• भविष्य में किसी भी सरकारी मंच से ऐसी राजनीतिक रूपरेखा वाले कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए

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