दुर्ग में बड़ा फर्जीवाड़ा….छात्रों से कहा- “EMI हम भरेंगे”… फिर उनके नाम पर करोड़ों का लोन लेकर किया बड़ा खेल, 600 से ज्यादा लोग बने शिकार

दुर्ग जिले में छात्रों, प्राध्यापकों और बेरोजगार युवाओं को सिबिल स्कोर सुधारने तथा आसान कमीशन का लालच देकर करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

पदमनाभपुर थाना पुलिस के अनुसार, अब तक 31 छात्रों से 34.13 लाख रुपये की धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में आरोपी ऋषभ शर्मा को गिरफ्तार कर तीन दिन की पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इससे पहले मुख्य आरोपी अनिरुद्ध सिंह और दीपेश जोशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा शंकराचार्य कॉलेज के बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र हिमांशु देवांगन की शिकायत के बाद हुआ। आरोपियों ने छात्रों और युवाओं को यह कहकर अपने झांसे में लिया कि उनके नाम पर इलेक्ट्रॉनिक सामान एवं पर्सनल लोन लेने से सिबिल स्कोर बेहतर होगा। साथ ही प्रत्येक फाइनेंस पर दो से तीन हजार रुपये कमीशन देने और सभी ईएमआई स्वयं जमा करने का भरोसा भी दिया गया।

आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ितों ने अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक संबंधी दस्तावेज उन्हें सौंप दिए। इसके बाद आरोपियों ने इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आईफोन, एलईडी टीवी, एयर कंडीशनर सहित अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराए। इसके अलावा बजाज फाइनेंस से लगभग 92 हजार रुपये का पर्सनल लोन स्वीकृत कराकर राशि अपने क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त कर ली।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने शुरुआती तीन माह तक ईएमआई की किस्तें जमा कर पीड़ितों का विश्वास बनाए रखा। अप्रैल 2026 से किस्तों का भुगतान बंद कर दिया गया। इसके बाद जब रिकवरी एजेंसियां पीड़ितों के घर पहुंचीं, तब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली।

सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि दुर्ग, भिलाई, रायपुर, बिलासपुर और बालोद सहित कई जिलों के 600 से अधिक लोग इस गिरोह के शिकार हो सकते हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, धोखाधड़ी की राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

जांच में आरोपी ऋषभ शर्मा के चार से पांच बैंक खातों में लगभग 1.84 करोड़ रुपये के लेन-देन का भी पता चला है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है तथा अन्य संभावित पीड़ितों और आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!