दुर्ग में फर्जी तरीके से सिम जारी कर धोखाधड़ी करने वाली आरोपी गिरफ्तार…….SIM लेते समय रहें सावधान! आधार और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर आपके नाम पर भी हो सकता है फर्जी SIM
फर्जी तरीके से सिम जारी कर धोखाधड़ी करने वाली आरोपी गिरफ्तार, आधार कार्ड एवं बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर जारी किया गया था सिम
▪️ प्रार्थी के आधार कार्ड, लाइव फोटो एवं बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर उसकी जानकारी के बिना फर्जी तरीके से सिम जारी करने के मामले में अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
▪️ सिम जारी करने के नाम पर दस्तावेज एवं बायोमेट्रिक प्राप्त कर तकनीकी समस्या बताई गई, जबकि जांच में प्रार्थी के नाम से सिम सक्रिय होना पाया गया।
▪️ प्रकरण में साक्ष्य संकलित कर आरोपी महिला को विधिवत गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
▪️ दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर संबंधी अपराधों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए तकनीकी जांच के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
थाना भिलाई नगर में प्रार्थी की शिकायत पर उसके आधार कार्ड, लाइव फोटो एवं बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर उसकी जानकारी एवं सहमति के बिना उसके नाम से एयरटेल सिम जारी कर अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध कराने के संबंध में अपराध क्रमांक 148/2025 धारा 419, 420 भारतीय दंड संहिता (IPC) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
संक्षिप्त विवरण :
शिकायत के अनुसार प्रार्थी द्वारा नया सिम प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज एवं बायोमेट्रिक उपलब्ध कराया गया था। सिम विक्रेता द्वारा तकनीकी समस्या का हवाला देते हुए सिम जारी नहीं किए जाने की बात कही गई। बाद में साइबर जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रार्थी के नाम से एयरटेल सिम क्रमांक 6232****38 जारी कर अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग किया जा रहा था।
प्रकरण की विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर फर्जी तरीके से सिम जारी कर धोखाधड़ी करने में संलिप्त आरोपी महिला को चिन्हित कर विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा वैधानिक कार्यवाही उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अन्य पहलुओं की विवेचना जारी है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) :
आरोपी द्वारा सिम जारी करने के नाम पर आवेदक के पहचान दस्तावेज, लाइव फोटो एवं बायोमेट्रिक प्राप्त किए गए। बाद में तकनीकी समस्या बताकर सिम नहीं दिया गया, जबकि उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर प्रार्थी के नाम से सिम सक्रिय कर अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध कराया गया।
घटना स्थल :
थाना भिलाई नगर क्षेत्र, जिला दुर्ग।
आरोपी का नाम :
1. निशा सैंड, उम्र 22 वर्ष, निवासी खुर्सीपार, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री :
1. प्रकरण से संबंधित दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (विवेचना अनुसार)।
सराहनीय भूमिका :
प्रकरण की विवेचना एवं आरोपी की गिरफ्तारी में थाना भिलाई नगर पुलिस की विवेचना टीम एवं साइबर तकनीकी सहायता टीम की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सिम कार्ड जारी कराते समय अपने दस्तावेज एवं बायोमेट्रिक का उपयोग केवल अधिकृत विक्रेता के समक्ष ही करें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा आपके नाम से अनधिकृत सिम जारी होने की जानकारी प्राप्त हो तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें। साइबर एवं धोखाधड़ी संबंधी अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

