NARI 2025 रिपोर्ट : शहरी महिलाओं की सुरक्षा पर चिंताजनक तस्वीर….40% शहरी महिलाएं असुरक्षित, दिल्ली-कोलकाता सबसे कम सुरक्षित
नारी 2025 रिपोर्ट : शहरी क्षेत्रों में 40% महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं
दुर्ग, 29 अगस्त 2025/
महिला सुरक्षा को लेकर जारी नारी 2025 रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत के शहरी क्षेत्रों में लगभग 40 फीसदी महिलाएं खुद को “सुरक्षित नहीं” या “असुरक्षित” मानती हैं। खासकर 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं सबसे अधिक भय का अनुभव करती हैं। यह अध्ययन सभी राज्यों के 31 शहरों की 12,770 महिलाओं के विचारों पर आधारित है।
रिपोर्ट की प्रमुख बातें :
- 7% महिलाओं को उत्पीड़न का सामना : 2024 में हर 100 में से 7 महिलाओं ने उत्पीड़न का अनुभव किया। यह आंकड़ा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा दर्ज मामलों से लगभग 100 गुना अधिक है।
- उत्पीड़न के रूप : घूरना, छेड़खानी, अश्लील टिप्पणियां और सड़कों पर छूना शामिल।
- कारण : खराब रोशनी, असुरक्षित सार्वजनिक परिवहन और अपर्याप्त बुनियादी ढांचा।
सुरक्षा के लिहाज से शहरों की स्थिति :
- कम सुरक्षित शहर : कोलकाता, दिल्ली, रांची, श्रीनगर और फरीदाबाद।
- सबसे सुरक्षित शहर : मुंबई, कोहिमा, विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, आइज़ोल, गंगटोक और ईटानगर।
रिपोर्ट के अन्य निष्कर्ष :
- सर्वे में शामिल केवल 22% महिलाओं ने अपने अनुभवों की सूचना अधिकारियों तक पहुंचाई।
- 53% महिलाओं को यह जानकारी नहीं थी कि उनके कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निवारण (POSH) नीति लागू है या नहीं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने पीवैल्यू एनालिटिक्स द्वारा तैयार इस रिपोर्ट को प्रस्तुत किया। आयोग का मानना है कि यह रिपोर्ट उन अनुभवों को सामने लाती है जिन्हें आधिकारिक अपराध आँकड़ों में जगह नहीं मिल पाती।

