अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन घनश्याम सिंह आर्य कन्या महाविद्यालय में किया गया कार्यक्रम

 

दुर्ग/22 मई/ अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती पर संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन घनश्याम सिंह आर्य कन्या महाविद्यालय में किया गया था इस कार्यक्रम में नगर पालिका निगम दुर्ग से उपायुक्त मोहन्द्र कुमार साहू,नारायण यादव राजस्व निरीक्षक थान सिंह यादव पर प्रभारी राजस्व उपनिरीक्षक शामिल हुए थे इस कार्यक्रम में कन्या महाविद्यालय के छात्राओं ने संगोष्ठी कार्यक्रम में भाग लेकर देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवनी पर अपने विचार व्यक्त किया कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती डॉ.नीतू सिंह एवं महाविद्यालय के अन्य प्रोफेसर तथा छात्राएं इस संगोष्ठी कार्यक्रम में उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन श्री मती किरण वैष्णव ने किया उद्बोधन में उपायुक्त द्वारा वीरांगना देवी अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती मनाने के शासन के आदेश से अवगत कराते हुए शासन की मनसा अनुरूप महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण हेतु शासन की योजनाओं एवं क्रियाकलाप से अवगत कराया और देवी वीरांगना अहिल्याबाई के जीवनी के संबंध में परिचय कराया वीरांगना देवी अहिल्याबाई के जीवन पर व्याख्यान देते हुए बताया गया कि उन्होंने विकट परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करते हुए मालवा राज्य की बागडोर संभाली एवं इंदौर गांव को नगर में परिवर्तन किया साथ साथ महेश्वर को विकसित कर अपनी राजधानी बनाया वीरांगना देवी अहिल्याबाई ने सन 1767 से मालवा साम्राज्य मालवा राज्य की बागडोर अपने पुत्र के माध्यम से शासन संचालित किया तथा निरंतर 28 वर्षों तक शासन किया और अपने मालवा राज्य को युद्ध से दूर रखकर शांति और न्याय व्यवस्था को व्यवस्था को अपने राज्य में कायम रखा न्याय व्यवस्था को कायम रखने के लिए उन्होंने अपने पुत्र की कुर्बानी भी दी एवं विधवा के पति की संपत्ति में हक का समर्थन किया इतिहास के पन्नों में देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवनी एवं संघर्ष दबी हुई थी जिसे शासन ने 300 वीं जयंती मनाने के साथ उनके योगदान हमें सामाजिक परिवर्तन एवं सामाजिक गतिशीलता मे सहभागी बनने प्रेरित करने का काम किया है आर्य कन्या महाविद्यालय की की छात्रा प्रेरणा शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अपने उद्बोधन में देवी अहिल्याबाई होलकर के द्वारा मुगल और अन्य बाहरी आक्रमण से ध्वस्त हुए पौराणिक काशी शिव मंदिरों , सारनाथ के मंदिर के पुनर्निर्माण करने एवं धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों भी उल्लेख किया छात्रा ने अपने उद्बोधन में बताया कि हमारा समाज नारी शक्ति के माध्यम से सशक्त और समृद्ध हो सकता है एक अन्य छात्रा ने कविता के माध्यम से देवी अहिल्याबाई के जीवन परिचय दिया प्रोफ़ेसर श्रीमती निशा श्रीवास्तव ने भी नारी शक्ति के संबंध में व्याख्यान देते हुए बताया कि हमारी संस्था देवी अहिल्याबाई से प्रेरित है महिला शिक्षा का पक्षधर होने के साथ नगर की पहली महिला शिक्षा संस्थान है ।

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