अगर सरकार शराब पर टैक्स न ले तो क्या होगा? एक बोतल की असली कीमत जानकर चौंक जाएंगे आप!
अगर सरकार शराब पर टैक्स न ले तो
भारत में शराब केवल नशे का जरिया नहीं, बल्कि राज्यों की कमाई का बड़ा साधन है। लगभग हर राज्य शराब पर भारी टैक्स लगाकर हर साल हजारों करोड़ रुपये की कमाई करता है।

🔹 शराब पर लगते हैं कई तरह के टैक्स
हर राज्य अपनी नीति के अनुसार शराब पर एक्साइज ड्यूटी, वैट और अन्य शुल्क लगाता है। इसी वजह से ग्राहकों को शराब उसकी असली कीमत से कई गुना ज्यादा चुकानी पड़ती है।

🔹 कितना होता है टैक्स का हिस्सा?
कई राज्यों में शराब की बोतल की कीमत का 60% से 80% हिस्सा सिर्फ टैक्स होता है।

- दिल्ली में करीब 65-70%
- कर्नाटक और तमिलनाडु में 70% से ज्यादा
- उत्तर प्रदेश में लगभग 60% टैक्स
🔹 एक बोतल का हिसाब समझें
अगर किसी प्रीमियम ब्रांड की बोतल की फैक्ट्री कीमत 200 रुपये है, तो टैक्स, डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेल मार्जिन जोड़कर उसकी कीमत 400 रुपये तक पहुंच जाती है। इसमें से केवल टैक्स से ही सरकार को करीब 140 रुपये का मुनाफा हो जाता है।
🔹 बिना टैक्स कीमत कितनी होगी?
अगर टैक्स हटा दिया जाए तो वही 400 रुपये की बोतल सिर्फ 200-250 रुपये में मिल जाएगी। यानी शराब आधे दाम पर उपलब्ध होगी।
🔹 सरकार टैक्स क्यों नहीं हटा सकती?
क्योंकि शराब से होने वाली टैक्स कमाई ही राज्यों की सबसे बड़ी आय का स्रोत है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में राज्यों ने शराब टैक्स से 2.4 लाख करोड़ रुपये कमाए। यही वजह है कि इस टैक्स को हटाना लगभग नामुमकिन है।
निष्कर्ष
अगर सरकार शराब से टैक्स हटा भी दे तो शराब की कीमत आधी रह जाएगी, लेकिन ऐसा करना राज्यों के लिए संभव नहीं है। क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था का बड़ा सहारा शराब से आने वाला टैक्स ही है।

