क्या यही है “साय” का सुशासन? स्कूल खुलने के चौथे दिन बाद भी समय पर नहीं पहुंच रहे शिक्षक, छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित…..
थमीर कश्यप, बस्तर। ज़िले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की अनुशासनहीनता से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। शिक्षक तय समय पर स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रहा है।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 16 जून को प्रदेश के सभी स्कूल खुल गए। लेकिन जब 19 जून को निरीक्षण के दौरान हमारी टीम ने पाया कि हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। शासन ने 17 जून से 23 जून तक स्कूल का समय सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित है, लेकिन कई स्कूलों में तय समय के बाद भी ताले लटके मिले। कुछ स्कूल खुले तो सही, लेकिन शिक्षक ही नहीं पहुंचे थे।
बस्तर ब्लॉक की मुंडापाल पंचायत के प्राथमिक शाला मुंडापाल और टोडागुड़ा मिडिल स्कूल, चोकर पंचायत के प्राथमिक शाला सिगड़ी तरई और महुपालबरी स्कूल में कोई भी शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं था। शिक्षकों की लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता के कारण शिक्षक लापरवाही कर रहे हैं।
प्रशासनिक चुप्पी
जब ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कोई उत्तर नहीं मिला। प्रशासन की यह चुप्पी अब सवालों के घेरे में है।

