दुर्ग ब्रेकिंग: ‘सर्वे संतु निरामया’ को प्राप्त करने भारतीय चिकित्सा पद्धति ही सफल होंगी- प्राचार्य डॉ अश्विनी महाजन

 

डॉ खूबचंद बघेल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भिलाई-3 में यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राष्ट्रीय छात्र सेना के संयुक्त तत्वाधान में ‘स्वास्थ्य जागरूकता एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों’ पर सात दिवसीय कार्यशाला तथा कौशल विकास समिति के ‘ब्यूटी पार्लर’ पर दस दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री कांतिलाल जैन, शिक्षाविद एवं संयोजक, शिक्षा प्रकोष्ठ भाजपा एवं विशिष्ट अतिथि डॉ शैलेंद्र सिंह सोमवंशी, कोषाध्यक्ष, शिक्षा प्रकोष्ठ, भाजपा एवं अध्यक्षता डॉ अश्विनी महाजन, प्राचार्य द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में आरोग्य क्लिनिक भिलाई-3 से डॉ आकांक्षा मिश्रा, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, डॉ अर्पिता शर्मा, आयुर्वेद चिकित्सक, डॉ अतुल साहू, एक्यूप्रेशर चिकित्सक एवं संचालक, अमूल्य अकादमी तथा ब्युटी पार्लर ट्रेनर मनजीत कौर भी उपस्थित थे।अतिथि गणों द्वारा मां सरस्वती सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं राज्य गीत द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

प्राचार्य डॉ अश्विनी महाजन द्वारा मुख्य अतिथि श्री कांतिलाल जैन एवं विशिष्ट अतिथि डॉ शैलेंद्र सिंह सोमवंशी जी का पुष्प पौध से स्वागत किया गया। प्राचार्य डॉ अश्विनी महाजन जी का स्वागत पुष्प पौध से डाॅ अल्पना देशपांडे द्वारा किया गया एवं अतिथि गणों डॉ आकांक्षा मिश्रा, डॉ अर्पिता शर्मा, डॉ अतुल साहू तथा मनजीत कौर का स्वागत डॉ ममता सर्राफ, श्री दिनेश देवांगन, योगिता ठाकुर एवं रेणु वर्मा द्वारा किया गया। प्राचार्य डॉ अश्विनी महाजन ने दोनों कार्यशाला के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी के समग्र विकास हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अपनाया गया और इन दोनों कार्यशाला से विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल विकास का भी मौका मिला। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ महाजन ने कहा कि लाखों के पैकेज में होने वाले एलोपैथी चिकित्सा के इस युग में ‘सर्वे संतु निरामया’ के विचार को पूर्ण करने के लिए प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति ही सार्थक होगी, जिसमें एक्यूप्रेशर, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा आदि भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से विद्यार्थियों को जोड़ने, समझने एवं भ्रांतियों को दूर करने में यह कार्यशाला सफल रहा। मुख्य अतिथि श्री कांतिलाल जैन ने कहा कि विकसित भारत@2047 हेतु उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि विभिन्न क्षेत्रों में कौशल पूर्ण युवाओं की आवश्यकता है। इस तरह के कौशल विकास कार्यशालाओं से ही विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ कौशल के विकास का अवसर मिलता है। निश्चित ही महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यशाला के संयोजक बधाई के पात्र हैं। अतिथि गणों एवं प्राचार्य द्वारा कार्यशाला के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। प्राचार्य डॉ अश्विनी महाजन द्वारा अतिथि गणों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में ब्यूटी पार्लर कार्यशाला के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं द्वारा कैटवॉक कर अपने क्षमता एवं आत्मविश्वास का प्रदर्शन भी किया गया कि वे किसी महानगर के मॉडल से कम नहीं है। कार्यक्रम संचालन डॉ श्रीकांत प्रधान द्वारा किया गया आभार प्रदर्शन डॉ अल्पना देशपांडे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, टेक्नीशियन, एनसीसी-एनएसएस के कैडेट तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

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