नेपाल में आंदोलन की गूंज, सरकार के खिलाफ लाखों की संख्या में लोग जुटे, विमान की गईं रद्द भारतीय सीमा में भी अलर्ट
नेपाल के युवाओं के आक्रोश ने देश में राजनीतिक-सामाजिक उथल-पुथल पैदा कर दी है। आक्रोशित जेन-जी (युवाओं) की भीड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों के घरों को आग लगा दी। इसके अलावा देश की संसद, सुप्रीम कोर्ट और कई सरकारी इमारतों में भी आगजनी की गई। भारत ने बिगड़ते हालात पर चिंता जाहिर की है। एतहतियात के तौर पर एअर इंडिया, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने दिल्ली से काठमांडो जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया

आंदोलनकारियों ने नेताओं के घरों के साथ ही नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल समेत कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में भी आग लगा दी। सुरक्षाकर्मियों ने नेताओं व उनके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की। धनगढ़ी में प्रदर्शनकारियों ने जेल का फाटक तोड़ दिया, जिसके बाद सैकड़ों कैदी जेल से फरार हो गए। काठमांडो में जगह-जगह सड़कों पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया।

नेपाल में मंगलवार से जारी राजनीतिक संकट अब गहराते हुए हिंसक रूप ले चुका है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति दोनों के इस्तीफे के बाद देश में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। राजधानी काठमांडू और अन्य इलाकों में जनता सड़कों पर उतर आई। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए नेपाली सेना ने देर रात 10 बजे से सुरक्षा अभियानों की कमान अपने हाथ में ले ली।

प्रदर्शनकारियों ने सिंह दरबार, नेपाल सरकार का मुख्य सचिवालय, में आगजनी और तोड़फोड़ की। इस पर सेना ने तुरंत कार्रवाई कर परिसर खाली कराया और कब्जा कर लिया। हालात को देखते हुए सेना ने पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी, क्योंकि प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने मंदिर के द्वार को तोड़ने की कोशिश की थी।
जनता का गुस्सा ओली सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। आम लोगों का कहना है कि सरकार ने उनकी परेशानियों को अनदेखा किया, जबकि मंत्रियों और प्रभावशाली हस्तियों के बच्चे विलासिता और फिजूलखर्ची में डूबे रहे। सोशल मीडिया पर ‘जेन-जी’ समूह ने इस मुद्दे को लगातार उठाया। इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफार्मों पर वीडियो और तस्वीरों के जरिए नेताओं की जीवनशैली पर सवाल उठाए गए।

