CGMSC घोटाला: दुर्ग में ED-EOW की रेड….550 करोड़ घोटाला! मोक्षित कॉरपोरेशन पर छापा….

दुर्ग, 30 जुलाई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोक्षित कॉपोरेशन से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की। यह अभियान छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सौजीएमएससी) में सामने जाए 650 करोड़ रुपये से अधिक के कथित वित्तीय घोटाले के सिलसिले में चलाया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों ने दुर्ग स्थित मोक्षित कॉपरिशन के तीन आवासीय परिसरों और कार्यालयों को एक साथ घेरा। कार्रवाई में ईडी और ईओडब्ल्यू के दो दर्जन से अधिक अधिकारी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शामिल थे। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि पूरे परिसर को चारों और से सील कर दिया गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। ईडी की टीम एक दर्जन से अधिक वाहनों के काफिले में पहुंची और आते ही दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी।

जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हालांकि, अभी तक इस कार्रवाई में क्या-क्या बरामद हुआ है. इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसियां बयान जारी करेंगी। सूत्रों की मानें तो मौक्षित कॉपोरेशन का नाम सीजीएमएससी घोटाले में सामने आने के बाद से ही जांच एजेंसियां इसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं। इससे पहले भी इसी मामले में जांच की कई कार्रवाई हो चुकी है। करीब छह माह पहले ईओडब्ल्यू और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एक और बड़ी रेड डाली थी। साथ ही, 27 जनवरी 2025 को भी मोक्षित कपिरिशन और शांतिलाल व शशांक चौपड़ा के गंजपारा स्थित घर और दफ्तरों पर दस्तावेज खंगाले गए थे। यह मामला प्रदेश में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिसकी गूंज प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों तक पहुंच रही है।

 

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