दुर्ग की दुर्दशा…महापौर महा सफाई अभियान रहा फेल…..माता चंडी मंदिर के सामने रात में कचरे का अड्डा! निगम की कचरा रिक्शा बनी गंदगी की वजह, महापौर और स्वच्छ प्रभारी सवालों के घेरे में……

शिवनाथ संवाद:दुर्ग। दुर्ग शहर के हृदयस्थल माने जाने वाले माता चंडी मंदिर के ठीक सामने रात के समय नगर निगम की कचरा  रिक्शा खड़ी देखी गई — वो भी फैले हुए कचरे के ढेर के साथ। यह नजारा सिर्फ गंदगी का नहीं, बल्कि नगर निगम की व्यवस्था की खुली पोल है। शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर तीव्र नाराजगी है।

मंदिर जहां दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, रात होते ही वहां गंदगी की चादर बिछ जाती है। मंदिर के ठीक बाहर खड़ी कचरा  रिक्शा और उसके चारों ओर फैला सड़ा-गला कचरा, बदबू और मच्छरों का साम्राज्य — यह सब निगम के महासफाई अभियान पर सवालिया निशान लगाता है।

लोगों का कहना है कि ये कोई एक रात की बात नहीं है। रोज़ रात को यही हाल रहता है — न रात्रिकालीन सफाई टीम आती है, न कचरा उठाया जाता है। श्रद्धालु नाक पर रूमाल रखकर मंदिर पहुंचते हैं, तो स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।

महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने दुर्ग को इंदौर की तर्ज़ पर चमकाने का सपना दिखाया था, लेकिन अगर धार्मिक स्थलों पर ही कचरे का साम्राज्य रहेगा तो क्या यही है ‘इंदौर मॉडल’? वहीं स्वच्छता प्रभारी निलेश अग्रवाल भी सिर्फ कागज़ी समीक्षा बैठकों में व्यस्त नजर आ रहे हैं — ज़मीनी हालात की हकीकत से जैसे कोई लेना-देना नहीं।

लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि निगम कर्मियों द्वारा रात में जानबूझकर यहां कचरा रिक्शा खड़ी की जाती है, जिससे सफाई से बचा जा सके। यह एक सुनियोजित लापरवाही है, जिस पर अब तक किसी ने सुध नहीं ली।

अब सवाल यह है कि क्या नगर निगम सिर्फ दिन में दिखावटी सफाई कर जनता की आंखों में धूल झोंक रहा है? और क्या महापौर व स्वच्छ प्रभारी अब भी इस पर चुप रहेंगे, या जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई होगी?

जवाब कौन देगा — शहर की जनता या दिखावे की योजनाएं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!