जीएसटी 2.0: नवरात्रि के पहले दिन देशभर के उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा…..डेयरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान हुए सस्ते
जीएसटी 2.0: नवरात्रि के पहले दिन देशभर के उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा
नई दिल्ली, 22 सितम्बर 2025 देश के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले ही बड़ी खुशखबरी आई है। आज से जीएसटी 2.0 लागू हो गया है, जिसके तहत जीएसटी दरों में भारी कटौती की गई है। इस बदलाव से सुई से लेकर एसी और डायपर तक सैकड़ों चीजें सस्ती हो गई हैं। नवरात्रि के पहले दिन से ही ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो गया है।

सस्ते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण
घरेलू उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनियों ने कीमतों में कटौती का ऐलान कर दिया है।
- एयर कंडीशनर की कीमतों में 4,500 रुपये तक की कमी।
- डिशवॉशर 8,000 रुपये तक सस्ते।
- वोल्टास, डाइकिन, गोदरेज, पैनासोनिक और हायर जैसी कंपनियों ने नई प्राइस लिस्ट जारी की।
कंपनियों को उम्मीद है कि इस त्योहारी सीजन में बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिलेगी।

डेयरी और पैकेज्ड प्रोडक्ट्स पर भी राहत
रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजों में भी ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।
- अमूल: 100 ग्राम मक्खन अब 58 रुपये (पहले 62 रुपये), घी 610 रुपये प्रति लीटर (पहले 650 रुपये)।
- मदर डेयरी: 1 लीटर यूएचटी दूध अब 75 रुपये (पहले 77 रुपये)।
- आइसक्रीम, फ्रोजन फूड्स, पनीर और चीज भी सस्ते हुए।
रेल मंत्रालय ने भी पैकेज्ड पानी ‘रेल नीर’ की कीमतों में कटौती की है।
- 1 लीटर बोतल अब 14 रुपये (पहले 15 रुपये)।
- 500 मिलीलीटर बोतल अब 9 रुपये।
छोटे सामान से लेकर बड़े उत्पाद तक हुए सस्ते
12% से घटकर 5% स्लैब में आने वाले कुछ प्रमुख उत्पाद:
- दैनिक उपयोग की वस्तुएं: सूखे मेवे (बादाम, पिस्ता), टूथ पाउडर, मोमबत्तियां, डायपर, बच्चों की बोतलें, सिलाई की सुई।
- घरेलू और इलेक्ट्रॉनिक सामान: टेबलवेयर, किचनवेयर, सिलाई मशीनें, साइकिल और पुर्जे, फर्नीचर।
- अन्य: 2,500 रुपये तक के जूते, कॉटन-जूट बैग, छतरियां, हेयरपिन, कंघी, संतरा, अंगूर, आम और नींबू जैसे फल।
कम हुए टैक्स स्लैब – फायदे ही फायदे
सरकार ने जीएसटी के 12% और 28% स्लैब खत्म कर दिए हैं। अब केवल 5% और 18% के दो मुख्य स्लैब रहेंगे।
- पीएम मोदी ने इसे आम आदमी के लिए ‘दिवाली का तोहफा’ बताया।
- तंबाकू और सिगरेट जैसे ‘सिन गुड्स’ पर 40% टैक्स जारी रहेगा।
इस कदम से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा, कारोबारियों के लिए नियमों का पालन आसान होगा और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

