दुर्ग ब्रेकिंग : गणतंत्र दिवस पर दुर्ग में अरुण वोरा द्वारा कई स्थानों पर ध्वजारोहण,कहा—संविधान सर्वोपरि है

 

डिजिटल डेस्क दुर्ग
77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर दुर्ग शहर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का भव्य दृश्य देखने को मिला। दुर्ग के पूर्व विधायक एवं प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने परंपरागत रूप से शहर के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर ध्वजारोहण कर गणतंत्र दिवस को गरिमामय ढंग से मनाया।

सुबह 7 बजे गांधी चौक में कांग्रेसजनों के साथ ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके पश्चात सुबह 7:30 बजे राजीव भवन, दुर्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में तिरंगा फहराया गया। इसके बाद गांधी प्रतिमा स्थल, दुर्ग, बरईपारा स्थित काली मंदिर, साईं द्वार, दुर्ग रोडवेज, शक्ति नगर, बम्लेश्वरी कॉलोनी, तथा महालक्ष्मी मार्केट, पुलगांव में क्रमवार रूप से वोरा द्वारा ध्वजारोहण किया गया।

 

इस विशेष अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अरुण वोरा ने कहा—
“आज का दिन हमें याद दिलाता है कि भारत का गणतंत्र बल, भेदभाव या सत्ता से नहीं, बल्कि संविधान, समानता और भाईचारे के मूल्यों से चलता है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जो संविधान हमें सौंपा है, उसकी रक्षा करना और उसकी आत्मा को जीवित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक लोकतंत्र में आख़िरी व्यक्ति को न्याय, सम्मान और अवसर नहीं मिलेगा, तब तक गणतंत्र अधूरा रहेगा।संविधान ने हमें अधिकार दिए, अब हमारा कर्तव्य है देश को सही दिशा देना।”

 

कांग्रेस के कार्यक्रमों में संगठन के अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व महापौर शंकरलाल ताम्रकार, पूर्व महापौर आर. एन. वर्मा, कमल रुंगटा, देवेंद्र देशमुख, ब्लॉक अध्यक्ष अल्ताफ अहमद, राजकुमार पाली, अजय मिश्रा, फतेह भाटिया, भोला महोबिया, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, नंदू महोबिया, राजकुमार वर्मा, अनीश रज़ा, सुनीत घोष, पिंकी झा ,पूर्व सभापति राजकुमार नारायणी, परमजीत सिंह भुई, निर्मला साहू, पप्पू श्रीवास्तव, संजू धनकर, नासिर हुसैन, हामिद खोकर, कौशल किशोर सिंह, एनी पीटर, देव सिन्हा एवं शिवकांत तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल रहे।

 

पूरे दिन चले इन कार्यक्रमों के दौरान देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान से वातावरण गूंज उठा, वहीं नागरिकों में संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान और गर्व की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!