हनुमंत कथा में सेवा की मिसाल, रोज 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रसाद, जन समर्पण सेवा संस्था ने निभाई बड़ी जिम्मेदारी
जन समर्पण सेवा संस्था दुर्ग के सदस्यों ने पूरे पांच दिवस हनुमंत कथा के भंडारे में दी सेवा, 15 हजार भक्तों से ज्यादा भक्तों ने लिया प्रतिदिन प्रसाद
भिलाई में चल रही श्री धीरेन्द्र शास्त्री जी के श्रीमुख से की जा रही हनुमंत कथा के पंडाल में प्रतिदिन चल रहे भंडारे में सुबह 10 बजे से रात्रि 11 बजे तक प्रतिदिन पंद्रह हजार से अधिक भक्तगण प्रसाद ले रहे है
भंडारे में प्रतिदिन दाल चावल सब्जी खिलाई जा रही है सब्जी में प्रतिदिन अलग अलग सब्जी बनाई जा रही है, भंडारे में राजनांदगांव के नितिन द्वारा भोजन बनवाया जा रहा है जिनके साथ 150 लोगो की टीम काम कर रही है
भोजन व्यवस्था की प्रदेश राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कांतिलाल बोथरा विमलेश पांडेय जनसेवा समर्पण समिति दुर्ग के अध्यक्ष योगेन्द्र बंटी शर्मा व अन्य जिम्मेदारी संभाले हुए। जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे है। जिसकी वजह से कथा में जुट रहे श्रद्धालु भोजन की चिंता से मुक्त है और कथा का पूरे श्रद्धा भक्ति के साथ आनंद ले रहे है।
प्रतिदिन चल रही भोजन सेवा कि जानकारी लेकर कथा के दौरान परम पूज्य गुरुदेव पंडित धीरेन्द्र शास्त्री जी ने भोजन सेवा एवं भोजन शाला में कार्य कर रहे सभी की प्रशंसा भी की
आज भोजन शाला में सरोज पांडेय ने खुद सेवा दी कथा में आए हुए सभी भक्तों को अपने हाथों से भोजन वितरण की..
भंडारे की पूरी व्यवस्था में जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग के सदस्यों ने सेवा दी, जो सुबह से रात तक धर्मप्रेमियों की भोजन सेवा में लगे रहे

