दुर्ग नगर निगम के आदेशों की उड़ी धज्जियाँ……आयुक्त–महापौर के निर्देशों की हवा….दुर्ग में कंफ़ेटी बैन की खुलेआम धज्जियाँ

दुर्ग शहर में नगर निगम के आदेशों की जमकर धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। कुछ दिन पहले ही दुर्ग नगर निगम ने आदेश जारी किया था कि शहर सीमा क्षेत्र में कंफ़ेटी (कागज़ के छोटे टुकड़े), प्लास्टिक कंफ़ेटी और उससे चलने वाले उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेश में साफ लिखा था कि कंफ़ेटी उड़ाने, बेचने या उपयोग करने पर ₹5,000 से ₹20,000 तक जुर्माना लगाया जाएगा और इस्तेमाल होने वाली मशीन, ब्लोअर या अन्य उपकरण जप्त किए जाएंगे।

इसके बावजूद दुर्ग शहर के कई बाजारों—खासकर दुर्ग के हार्डवेयर लाइन मार्केट और चंदनमल बोथरा आभूषण दुकान के आसपास —सड़कों पर कंफ़ेटी रंग-बिरंगे टुकड़े बिखरे मिले। यह स्पष्ट संकेत है कि निगम के आदेशों की खुलेआम अनदेखी की गई।

महापौर अलका बाघमार और आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग को साफ निर्देश दिया था कि शहर में प्लास्टिक कंफ़ेटी पर कड़ाई से प्रतिबंध लागू किया जाए। इसके बाद भी  मार्केट क्षेत्र में हाल ही में कंफ़ेटी के बड़े पैमाने पर फैले मिले।

समस्या गंभीर क्यों?

  • शादी–बारात और समारोहों में उड़ाई जाने वाली प्लास्टिक कंफ़ेटी किलोमीटरों तक फैल जाती है
  • सफाईकर्मियों को इसे एकत्र करने में भारी दिक्कत आती है।
  • नालियों में फंसकर जाम की समस्या बढ़ जाती है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है।
  • प्रतिबंध के बावजूद दुकानों में कंफ़ेटी का खुला व्यापार जारी है।

नियमों को नकारते कार्यक्रम आयोजक

जिन आयोजकों द्वारा शहर में कार्यक्रम किए गए, उन्होंने नगर निगम के प्रतिबंधों को पूरी तरह अनदेखा कर कंफ़ेटी का खुलेआम उपयोग किया। इससे साफ है कि या तो निगरानी कमजोर है या फिर कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है।

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