दुर्ग में बवाल: विद्यालयों की अनियमितताओं और धार्मिक असहिष्णुता के खिलाफ हिंदू युवा छात्र मंच का घेराव, 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

विद्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं और धार्मिक असहिष्णुता के विरुद्ध हिन्दू युवा छात्र मंच का विरोध प्रदर्शन, जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन

 

 

आज दिनांक 03 सितंबर 2025 को हिन्दू युवा छात्र मंच (HYCM) के नेतृत्व में दुर्ग जिले के सैकड़ों छात्र-छात्राओं, युवा कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव कर एक जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के माध्यम से मंच ने जिले के विभिन्न शासकीय एवं निजी विद्यालयों में व्याप्त शैक्षणिक, प्रशासनिक और धार्मिक अनियमितताओं के विरुद्ध तत्काल एवं सख्त कार्रवाई की मांग की।

 

 

मंच द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया जिसमें कुल 9 प्रमुख मुद्दों को उजागर किया गया।

 

 

प्रमुख समस्याएं इस प्रकार रहीं:
1. विद्यालय बसों की फिटनेस जांच नहीं की जा रही है, जिससे छात्रों की जान को खतरा है।
2. कई स्कूलों, विशेषकर शासकीय आत्मानंद स्कूल में पुस्तकों की आपूर्ति में गंभीर देरी हो रही है।
3. निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत भेदभावपूर्ण प्रवेश प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

 

4. अनेक विद्यालयों में शौचालय, जलसुविधा, स्वच्छता एवं दीवारों की मरम्मत जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
5. विद्यालय परिसरों के समीप पान-ठेले, सिगरेट दुकानों और नशे के अड्डों की उपस्थिति छात्राओं की सुरक्षा के लिए चिंताजनक है।
6. कुछ विद्यालयों में छात्रों को धार्मिक प्रतीक जैसे तिलक या रक्षा सूत्र पहनने से रोका जा रहा है, जो उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

 

 

7. डीएवी मॉडल स्कूल में छात्रों के बीच लगातार अनुशासनहीनता और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं।
8. बाघडूमर मदर टेरेसा स्कूल में हॉस्टल में धार्मिक असहिष्णुता और दुर्व्यवहार की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
9. स्वामी आत्मानंद विद्यालय, फरीद नगर के प्रभारी प्राचार्य द्वारा ₹1,83,360 की शासकीय राशि पूर्व शासकीय विद्यालय तकिया पारा जिसमें वह पहले कार्यत थे, उससे आहरण किया गया है, जो गलत है।

विरोध प्रदर्शन की गतिविधियों में शामिल थे: नारेबाजी, शंखनाद, सीटी बजाकर विरोध, पोस्टर-बैनर प्रदर्शन, छात्र भाषण, रैली एवं मार्च और मीडिया कवरेज। आंदोलन में छात्रों ने “शिक्षा का अधिकार हमारा है”, “अनियमितता बंद करो”, और “धार्मिक स्वतंत्रता हमारा अधिकार है” जैसे नारों से प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

 

 

प्रदर्शन का नेतृत्व मंच के जिला प्रभारी आलोक खापर्डे ने किया। उनके साथ कार्यक्रम प्रभारी सोमेश दास मानिकपुरी, सह प्रभारी अंकित दुबे सहित संगठन के शिबू सोनी, नीरज देवांगन, आयुष देशमुख, विशाल महानंद, शिवांश वैष्णव, जय राजपूत, रोशन राजपूत, कृषभ दास, दिकेश साहू, भावेश अग्रवाल, इशांत डहरवाल, जय साहू, प्रिंस तिवारी, तुषार राजपूत, यश अंदानी, निरंजन राजपूत, प्रांजल उमरे, निक्की घोटेकर, राम लालवानी, जागेश्वर ठाकुर (जग्गू), ओम चंद्राकर अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन में जिलेभर से सैकड़ों छात्र-छात्राओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही।

प्रमुख माँगें इस प्रकार रखी गईं:

7 दिनों के भीतर जांच समिति गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

दोषी स्कूल प्रबंधनों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो।

छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता, सुरक्षा और शैक्षणिक गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

जहां आवश्यक सुविधाएं नहीं हैं, वहाँ तुरंत सुधार कार्य प्रारंभ किया जाए।

दोषियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही हो।

जिला शिक्षा अधिकारी का आश्वासन:
ज्ञापन प्राप्त करते हुए श्री अरविंद मिश्रा ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि 7 दिनों के भीतर सभी बिंदुओं की जांच कर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

आंदोलन की चेतावनी:
यदि प्रशासन द्वारा निर्धारित समयावधि में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हिन्दू युवा छात्र मंच उग्र आंदोलन, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय घेराव और जनजागरण अभियान चलाने को बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

 

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