CG BREAKING: मृत मान लिया गया युवक जिंदा निकला, जशपुर हत्या केस में बड़ा खुलासा
जशपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस जांच और पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या के जिस मामले में पांच आरोपियों को जेल भेजा गया था, वही केस उस समय पलट गया जब मृत घोषित किया गया युवक स्वयं थाने पहुंच गया। मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है और असली मृतक की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
दिनांक 22 अक्टूबर को जशपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरनानगर–तुरीटोंगरी जंगल में एक अधजली लाश मिली थी। पुलिस ने शव की पहचान ग्राम सिटोंगा निवासी सीमित खाखा (30 वर्ष) के रूप में करते हुए हत्या का मामला दर्ज किया था। इस प्रकरण में रामजीत राम, विरेंद्र राम, एक विधि से संघर्षरत बालक, तथा बाद में गिरफ्तार शीतल मिंज और जीतू राम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
परिजनों द्वारा शव की पहचान
मृतक के माता-पिता और भाई ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शव की पहचान की थी। वहीं आरोपियों ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने हत्या की स्वीकारोक्ति की थी। फॉरेंसिक टीम द्वारा सीन ऑफ क्राइम का रिक्रिएशन भी कराया गया था, जिससे मामला पूरी तरह सुलझा हुआ माना जा रहा था।
मृत घोषित युवक पहुंचा थाना
शनिवार की रात उस समय हड़कंप मच गया जब मृत घोषित किया गया सीमित खाखा, ग्राम पंचायत सिटोंगा की सरपंच कल्पना खलखो के साथ स्वयं सिटी कोतवाली थाना पहुंच गया। सीमित खाखा ने बताया कि वह मजदूरी के लिए झारखंड गया था और रांची से अलग होकर गिरिडीह जिले के सरईपाली गांव में काम कर रहा था। मोबाइल फोन न होने के कारण वह अपने परिवार से संपर्क नहीं कर सका।
आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू
एसडीओपी चंद्रशेखर परमा ने बताया कि शव की पहचान, आरोपियों के बयान सहित सभी कानूनी प्रक्रियाएं मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी की गई थीं। सीमित खाखा के जीवित मिलने के बाद अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच की जा रही है। साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई हेतु वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वास्तविक मृतक की पहचान के लिए राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित कर जांच जारी है।

