DA Hike: कर्मचारियों को मिला तोहफा, सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार में लगभग एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते ‘डीए’ एवं महंगाई राहत ‘डीआर’ में तीन फीसदी वृद्धि की सौगात मिली है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने डीए की दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। एक जुलाई से देय महंगाई भत्ते की दर अब 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी है। गत वर्ष केंद्र सरकार ने दीवाली पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते एवं पेंशनरों की महंगाई राहत में तीन फीसदी की बढ़ोतरी की थी, जबकि इस साल पहली जनवरी से केंद्रीय कर्मियों के डीए में दो फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी।

केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने कर्मचारियों की 3 फीसदी महंगाई भत्ते की मंजूरी दी। अब कुल डीए बढ़कर 55 से 58 फीसदी हो गया है। इस निर्णय से लगभग 1.15 करोड़ केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा। डीए में 3 फीसदी की बढ़त से सरकार पर सालाना 10,084 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा।

कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने बताया, केंद्रीय कर्मियों के लिए महंगाई भत्ते ‘डीए’ की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा जानबूझकर कई माह देरी से की जाती है। इससे सरकार को फायदा होता है। चूंकि डीए/डीआर की दरों में हुई वृद्धि से सरकार पर हजारों करोड़ रुपये का भार पड़ता है। ऐसे में सरकार, डीए/डीआर की घोषणा, 3-4 माह देरी से करती है। इस अवधि के दौरान सरकार का पैसा निवेश होता है, जिस पर उसे अच्छा खासा ब्याज मिलता है। नियमानुसार, पहली जनवरी और पहली जुलाई से महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में बढ़ोतरी करने का प्रावधान है, लेकिन केंद्र सरकार हर दफा यह घोषणा करने में तीन चार माह की देरी कर देती है।

अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव और राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) स्टाफ साइड के वरिष्ठ सदस्य सी.श्रीकुमार के अनुसार, सरकार को इस मामले में देरी नहीं करनी चाहिए। जब पहली जनवरी और पहली जुलाई से डीए बढ़ोतरी का नियम है तो इसमें कई माह की देरी क्यों हो रही है। अगर ये भत्ते देने में तीन चार माह की देरी होती है तो सरकार हजारों करोड़ रुपये बचा लेती है।

यह वृद्धि 1 जुलाई, 2025 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगा, जिसका अर्थ है कि पिछले तीन महीनों का बकाया अक्टूबर के वेतन के साथ जमा किया जाएगा। लगभग 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों के लिए, यह एक सुखद खबर है, खासकर त्योहारों के मौसम में घरेलू बजट के तंग होने के कारण।
इसके साथ ही, यह दर मूल वेतन और पेंशन के 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से पूर्वव्यापी रूप से लागू होगी। जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया दिवाली से ठीक पहले अक्टूबर के वेतन के साथ दिया जाएगा।

