नेशनल हेराल्ड पर रायपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, कांग्रेस दिग्गजों में अरुण वोरा भी हुए शामिल; बोले — विपक्ष को कुचलने की राजनीति हुई बेनकाब
दुर्ग।
दिल्ली में कल राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कांग्रेस नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विरुद्ध दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला एक निजी शिकायत से उत्पन्न हुआ है, जिसके आधार पर ऐसी कार्यवाही आगे जारी नहीं रखी जा सकती।कांग्रेस नेतृत्व को मिली अदालती राहत के बाद राजधानी रायपुर में आज कांग्रेस द्वारा ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। पंडरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए और नारेबाज़ी करते हुए भाजपा कार्यालय के घेराव के लिए आगे बढ़े।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में “सत्यमेव जयते” लिखी तख्तियाँ दिखाई दीं। हालात को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। कांग्रेस के लगभग सभी वरिष्ठ नेता इस विरोध प्रदर्शन में मौजूद रहे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।दुर्ग से वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा भी प्रदर्शन में विशेष रूप से उपस्थित रहे।प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सभी पदाधिकारी, रायपुर शहर के जिला अध्यक्ष और रायपुर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष गण शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड मामले में राजनीतिक द्वेष और प्रतिशोध की भावना से मोदी सरकार द्वारा कार्रवाई की गई तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी आवाज़ों को दबाने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने कहा—
“नेशनल हेराल्ड प्रकरण में माननीय न्यायालय का निर्णय सत्ता के दुरुपयोग पर न्याय की स्पष्ट टिप्पणी है। वर्षों से केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्ष को भयभीत करने और लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने का जो प्रयास किया जा रहा था, वह आज पूरी तरह बेनकाब हो गया है। बिना ठोस आधार के चलाई गई यह कार्यवाही दुर्भावना से प्रेरित थी, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया। संविधान और कानून सत्ता से ऊपर हैं, और सत्य को चाहे जितना परेशान किया जाए, अंततः वही विजयी होता है।”
प्रदर्शन के दौरान मेकाहारा चौक पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पोस्टरों पर काली स्याही पोतकर विरोध दर्ज कराया।

