बिलासपुर रेल हादसा: बड़ी कार्रवाई शुरू, DRM हटे – CRS रिपोर्ट में रेलवे प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर
बिलासपुर रेल हादसे के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई
बिलासपुर में हाल ही में हुए रेल हादसे के बाद रेलवे प्रशासन द्वारा लगातार कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में बिलासपुर मंडल के डीआरएम राजमल खोईवाल को हटाते हुए श्री उमेश कुमार को बिलासपुर रेलवे का नया मंडल रेल प्रबंधक (DRM) नियुक्त किया गया है। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी पर भी जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
सीआरएस जांच में सामने आए गंभीर तथ्य
लालखदान में हुए रेल हादसे की जांच कर रहे रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इस दुर्घटना के लिए पूरी तरह रेल प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रशिक्षित चालक के हाथों में मेमू ट्रेन की कमान सौंपना इस बड़ी दुर्घटना की मुख्य वजह रही, जिसके कारण 12 यात्रियों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए।
4 नवंबर को कोरबा–बिलासपुर लोकल मेमू अप लाइन पर खड़ी कोयला लोड मालगाड़ी से जा टकराई थी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेन के कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
हादसे से रेलवे को करोड़ों का नुकसान
इस दुर्घटना से रेलवे को व्यापक वित्तीय नुकसान भी झेलना पड़ा। दुर्घटना की विस्तृत जांच नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन दक्षिण पूर्व सर्किल – कोलकाता के रेल सुरक्षा आयुक्त बी.के. मिश्रा द्वारा की गई। उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया और तीन दिन तक इलेक्ट्रिकल, एसएंडटी, मैकेनिकल, सीएंडडब्ल्यू सहित अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की।
रिपोर्ट में रेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर
दुर्घटना की मुख्य अभियुक्त मानी जा रही मेमू ट्रेन की असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज से सीआरएस ने अस्पताल में जाकर दो घंटे तक विस्तृत पूछताछ की। देर रात जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट कहा गया है कि चालक को साइको टेस्ट में फेल होने के बावजूद यात्री ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी, जो रेलवे प्रशासन की गंभीर चूक को दर्शाता है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़ी कार्रवाई की संभावना है।

