भाद्रपद मास में बहुला चतुर्थी एवं हलषष्ठी व्रत आयोजन
दुर्ग, तमेर पारा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री किल्ला मन्दिर प्रांगण में भाद्रपद मास कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को बहुला चतुर्थी व्रत का आयोजन किया गया। मंदिर के आस-पास की समस्त महिलाओं ने संतान के आरोग्य, पारिवारिक सुख-समृद्धि, रोग मुक्ति और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए श्रद्धा-भक्ति से पूजन किया। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मयंक शर्मा ने बहुला चतुर्थी की कथा सुनाकर व्रत का महत्व बताया।

आगामी भाद्रपद कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि (हलषष्ठी/कमरछठ व्रत) का पूजन 14 अगस्त 2025, गुरुवार को प्रातः 7 बजे से किया जाएगा। यह व्रत माताएं अपने पुत्रों की लंबी आयु एवं कल्याण के लिए करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि को द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्म हुआ था, अतः इसे बलराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

