वर्तमान बजट 2026 को वैश्विक मंदी के दौर में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।- अजय तिवारी 

 

डिजिटल डेस्क। दुर्ग/ केंद्रीय बजट 2026 के प्रावधानों के अनुसार स्पष्ट रूप से विश्व की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह बजट स्वागत योग्य है जिसके निम्न कारण है

वैश्विक मंदी के कारण

– भू-राजनीतिक तनाव

– चीन की अर्थव्यवस्था की धीमी गति

– बढ़ती महंगाई

– वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में टूटना

– प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में डिमांड कमजोर होना

भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति

– भारत की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान

– मजबूत सेवा निर्यात और कम चालू खाता घाटा

– लचीली अर्थव्यवस्था जो वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकती है

बजट 2026 के मुख्य बिंदु

– वित्तीय घाटा 4.4% रखने का लक्ष्य

– सड़कें, रेलवे, और लॉजिस्टिक्स पर ध्यान

– रक्षा बजट में 9-10% की वृद्धि

– आयकर स्लैब में राहत

– स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने की संभावना

– कृषि क्षेत्र के लिए ₹1.52 लाख करोड़ का आवंटन

– प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार जैव इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित करने की योजना

– जलवायु-अनुकूल बीज विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों और अन्य को धन उपलब्ध कराने की योजना

वैश्विक मंदी के दौर में बजट 2026 का महत्व

– भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम

– वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार

– मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण कदम

– वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम

इस प्रकार, बजट 2026 को वैश्विक मंदी के दौर में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं

 

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