अनंत चतुर्दशी पर बप्पा का विसर्जन: ढोल-ताशों, जयकारों और भक्तिभाव से गूंजे मुंबई-हैदराबाद के घाट
अनंत चतुर्दशी का दिन गणेश विसर्जन के लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है। आज सुबह से लेकर शाम तक पूरे धूम-धाम के साथ बप्पा की विदा किया जाएगा। आज के दिन बप्पा की विदाई के साथ 10 दिन के गणेश उत्सव का समापन हो जाएगा।

महाराष्ट्र के मुंबई स्थित लालबाग में स्थापित गणेश प्रतिमा को लालबागचा राजा के नाम से जाना जाता है। यह प्रतिमा 11 दिनों तक भक्तों को दर्शन देती है और उसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जित कर दी जाती है।

सड़कों पर ‘ढोल-ताशों’ की गूंज, रंग-बिरंगे गुलाल और भक्तों की भीड़ ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों लोग बड़ी श्रद्धा से गणेश विसर्जन यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं और प्यारे बप्पा को विदाई दे रहे हैं। मुंबई के लालबाग इलाके में प्रसिद्ध तेजुकायाचा राजा, गणेश गली और कई अन्य मंडलों की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए पंडालों से निकलीं। हर तरफ ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले साल जल्दी आना के जयकारे गूंज रहे थे।

जब 69 फुट ऊँची खैरताबाद गणेश प्रतिमा की शोभायात्रा हैदराबाद के मध्य में स्थित हुसैन सागर झील की ओर रवाना हुई। सुबह 7.44 बजे, जब प्रतिमा को ले जाने वाला वाहन स्थापना स्थल से आगे बढ़ा, तो गणेश महाराज की जय का नारा गूंज उठा।
विसर्जन से पहले मूर्ति की एक झलक पाने के लिए उत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हुसैन सागर तक 2.5 किलोमीटर लंबे जुलूस मार्ग पर यातायात की भीड़ कम करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों और स्वयंसेवकों की भारी तैनाती की गई थी। जुलूस दोपहर लगभग 1.30 बजे विसर्जन स्थल पर पहुँचने वाला है।
अकेले हुसैन सागर में ही लगभग 50,000 मूर्तियों का विसर्जन होना है, जबकि शहर भर में विसर्जन जुलूस 40 घंटे से ज़्यादा चलने की संभावना है। लगभग 29,000 पुलिसकर्मियों को शिफ्टों में तैनात किया जाएगा, साथ ही ड्रोन निगरानी और प्रमुख चौराहों पर 250 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएँगे।

