दुर्ग अफीम खेती केस में बड़ा अपडेट, पुलिस ने कोर्ट में पेश की 939 पन्नों की चार्जशीट……8 आरोपी गिरफ्तार, 2 अब भी फरार

डिजिटल डेस्क |दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में सामने आए अवैध अफीम खेती के मामले में जेवरा-सिरसा पुलिस ने लंबी जांच के बाद न्यायालय में 939 पन्नों का चालान पेश किया है। करीब 143 दिनों तक चली विवेचना में पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों को जुटाकर चार्जशीट तैयार की। प्रकरण में 8 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया है, जबकि 2 आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

पुलिस के मुताबिक मामले में कुल 79 गवाहों के बयान और साक्ष्य शामिल किए गए हैं। इनमें पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, एफएसएल, राजस्व विभाग सहित विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।

इन 8 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुआ चालान

मामले में विकास विश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर, छोटूराम, रणछोड़ राम, सुनील देवासी, मदरूपा राम और सुखाराम के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की गई है।

वहीं अचला राम और श्रवण विश्नोई की तलाश अभी जारी है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 3-3 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

6 मार्च को सामने आया था अवैध अफीम की खेती का मामला

पुलिस को 6 मार्च 2026 को ग्राम समोदा में अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी कार्यालय के नेतृत्व में पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, एफएसएल, राजस्व और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम तैयार की गई।

टीम ने अगले ही दिन संबंधित खेत में पहुंचकर जांच की। वैज्ञानिक परीक्षण में वहां अफीम की खेती होने की पुष्टि हुई।

मक्के की फसल के बीच छिपाकर उगाए जा रहे थे अफीम के पौधे

जांच में पता चला कि करीब 5.609 एकड़ क्षेत्र में मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। खेती का तरीका ऐसा रखा गया था कि सामान्य तौर पर देखने पर अफीम के पौधों का आसानी से पता न चल सके।

मौके से विकास विश्नोई को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद पुलिस को मामले में शामिल अन्य लोगों और अफीम की खेती से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

14 लाख से ज्यादा पौधे मिलने से मचा हड़कंप

एनसीबी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए गए आकलन में खेत से करीब 14 लाख 30 हजार 100 अफीम के पौधे पाए गए। इनका अनुमानित वजन करीब 62 हजार किलोग्राम आंका गया। इसके अलावा खेत के पास से 66.33 किलोग्राम अफीम डोडा भी बरामद किया गया।

जांच आगे बढ़ी तो खुलते गए नेटवर्क के तार

पूछताछ में विकास विश्नोई से मिली जानकारी के आधार पर विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर, श्रवण विश्नोई और अचला राम के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने विनायक ताम्रकार और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने अफीम और अफीम के बीज के अलावा खेती में उपयोग किए जा रहे उपकरण, हिसाब-किताब से संबंधित रजिस्टर, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक समेत कई सामग्रियां जब्त कीं।

इसके साथ ही ट्रैक्टर, जेसीबी, हार्वेस्टर, बाइक, सिंचाई पंप, स्प्रिंकलर और सीसीटीवी कैमरे भी जब्ती सूची में शामिल किए गए।

राजस्थान तक पहुंची जांच

पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ के साथ राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर अफीम डोडा के कारोबार से जुड़े पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

143 दिनों की विवेचना के बाद पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों, वैज्ञानिक रिपोर्ट, जब्ती सामग्री और गवाहों के बयानों को चार्जशीट में शामिल करते हुए 939 पन्नों का चालान न्यायालय में पेश किया है।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

अचला राम और श्रवण विश्नोई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। दोनों पर 3-3 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

अब प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। आगे की कार्रवाई न्यायालय में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर होगी।

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