सरसों तेल खरीदने वालों सावधान! मिलावट से हो सकती है गंभीर बीमारी, तेल खरीदने से पहले रहें Alert

पलामू। मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर एक बार फिर गंभीर मामला सामने आया है। पलामू जिले में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत को कथित तौर पर मिलावटी सरसों के तेल से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सरसों के तेल में आर्जेमोन ऑयल की मिलावट के कारण परिवार के सदस्यों में एपिडेमिक ड्रॉप्सी नामक गंभीर बीमारी के लक्षण सामने आए और बाद में उनकी मौत हो गई।

 

क्या है आर्जेमोन ऑयल?

 

आर्जेमोन मेक्सिकाना एक जंगली पौधा है, जिसे आम बोलचाल में सत्यानाशी भी कहा जाता है। इसके बीज देखने में सरसों के बीज जैसे होते हैं। इन बीजों से निकलने वाले तेल में जहरीला तत्व सैंग्विनारिन पाया जाता है। यदि आर्जेमोन ऑयल सरसों के तेल में मिल जाए और उसका सेवन किया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, आर्जेमोन ऑयल के सेवन से एपिडेमिक ड्रॉप्सी हो सकती है। इसके लक्षणों में शरीर, खासकर पैरों में सूजन, कमजोरी और हृदय तथा किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं शामिल हो सकती हैं।

 

कैसे होती है सरसों के तेल में मिलावट?

 

सरसों का तेल तैयार करते समय सरसों के बीजों की सफाई और प्रोसेसिंग की जाती है। यदि सरसों जैसे दिखने वाले आर्जेमोन के बीज इसमें मिल जाएं तो उनसे निकलने वाला तेल भी सरसों के तेल में पहुंच सकता है। जानबूझकर मिलावट किए जाने की स्थिति में भी यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।

 

मिलावटी तेल की पहचान कैसे करें?

 

खाद्य तेल में मिलावट की जांच के लिए प्रयोगशाला आधारित परीक्षण किए जा सकते हैं। आर्जेमोन ऑयल की जांच के लिए नाइट्रिक एसिड आधारित टेस्ट का उल्लेख खाद्य सुरक्षा संबंधी सामग्री में किया गया है। हालांकि, नाइट्रिक एसिड एक खतरनाक रसायन है और इसे घर पर बिना विशेषज्ञ सुरक्षा व्यवस्था के इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं है। ऐसी स्थिति में तेल का नमूना मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए देना अधिक सुरक्षित विकल्प है।

 

सिर्फ रंग और गंध से शुद्धता तय करना पर्याप्त नहीं

 

सरसों के तेल का रंग और गंध देखकर उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन केवल इन संकेतों के आधार पर तेल के शुद्ध होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। मिलावट की सही पहचान के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है।

 

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि उपभोक्ता खुले और संदिग्ध स्रोतों से खाद्य तेल खरीदने से बचें तथा पैक्ड तेल खरीदते समय लेबल, पैकिंग, लाइसेंस संबंधी जानकारी और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।

 

नोट: किसी परिवार की मौत को किसी खाद्य पदार्थ से जोड़ने की अंतिम पुष्टि संबंधित प्रशासनिक/स्वास्थ्य विभाग या प्रयोगशाला जांच की आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही मानी जानी चाहिए।

 

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