करणी सेना कालवी विचारधारा के नेतृत्व में भिलाई में आरक्षण एवं सामाजिक न्याय की मांगों को लेकर विशाल जन-आंदोलन
करणी सेना कालवी विचारधारा के नेतृत्व में भिलाई में आरक्षण एवं सामाजिक न्याय की मांगों को लेकर विशाल जन-आंदोलन
ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने, सवर्ण आयोग के गठन सहित चार सूत्रीय मांगों पर बुलंद हुई आवाज़; मालवीय चौक पर रोकी गई रैली, एसडीएम को सौंपा ज्ञाज्ञापन
दुर्ग: आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के अधिकारों, युवाओं के भविष्य और सामाजिक न्याय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर करणी सेना कालवी विचारधारा के बैनर तले भिलाई के सिविक सेंटर स्थित पार्किंग ग्राउंड में विशाल जनसभा एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह राघव के मार्गदर्शन में आयोजित इस आंदोलन में संगठन के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा सर्व समाज के लोगों ने भाग लेकर अपनी चार सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में छत्तीसगढ़ में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन, सवर्ण आयोग का गठन, यूजीसी के विवादित प्रावधानों की वापसी तथा एससी/एसटी अधिनियम में आवश्यक संशोधन शामिल हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 2 बजे से सिविक सेंटर में कार्यकर्ताओं एवं समाज के लोगों का जुटना प्रारंभ हुआ। जनसभा के पश्चात प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। रैली के दौरान विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई और शासन-प्रशासन से इन विषयों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की गई।
मालवीय चौक पर बैरिकेडिंग, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रही रैली को मालवीय चौक पर प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। प्रशासन की ओर से प्रतिबंधात्मक व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया।
संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े इन विषयों पर ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं एवं संवैधानिक प्रावधानों का वास्तविक लाभ मिल सके।
चार सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने रखी अपनी बात
1. छत्तीसगढ़ में EWS आरक्षण सरलीकरण से लागू हो: संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 में लागू किए गए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 10 प्रतिशत आरक्षण का राज्य में पात्र लोगों को प्रभावी लाभ सुनिश्चित किया जाए।
2. सवर्ण आयोग का गठन: सामान्य वर्ग की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक समस्याओं के अध्ययन, उनके निराकरण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए राज्य में सवर्ण आयोग गठित करने की मांग की गई।
3. यूजीसी के विवादित प्रावधानों की वापसी: संगठन ने उच्च शिक्षा से संबंधित विवादित नियमों एवं प्रावधानों पर पुनर्विचार करते हुए उन्हें वापस लेने की मांग उठाई।
4. एससी/एसटी अधिनियम में आवश्यक संशोधन: संगठन ने कानून के कथित दुरुपयोग की आशंकाओं को दूर करने तथा निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आवश्यक कानूनी एवं संवैधानिक प्रावधानों पर विचार करने की मांग की।
राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि रहे उपस्थित
आंदोलन का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह राघव ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संगठन मंत्री अजीत सिंह एवं संस्थापक सदस्य प्रदीप पांडे उपस्थित रहे।
आंदोलन के संयोजन एवं संगठनात्मक संचालन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह, प्रदेश महामंत्री मानवेंद्र सिंह, दुर्ग महिला जिलाध्यक्ष नीलू सिंह तथा भिलाई जिलाध्यक्ष अमित सिंह की प्रमुख भूमिका रही।
कार्यक्रम को सर्व ब्राह्मण समाज का भी समर्थन प्राप्त हुआ। सर्व ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित मिश्रा, सोमनाथ मिश्रा सहित समाज के अनेक वरिष्ठ नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर मांगों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
मांगों पर शीघ्र निर्णय की अपील, प्रदेशव्यापी आंदोलन के संकेत
आंदोलन के माध्यम से संगठन ने स्पष्ट किया कि इन मांगों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग की समस्याओं को शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखना और संबंधित विषयों पर नीतिगत निर्णय की मांग करना है। पदाधिकारियों ने शासन से आग्रह किया कि मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकाला जाए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो आगामी समय में प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
करणी सेना कालवी विचारधारा के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन इन मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा और सामान्य वर्ग के अधिकारों तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा।

