ALERT! ₹15 हजार के लालच में साइबर ठगी का हिस्सा बने 13 लोग, दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन!
कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 13 आरोपी गिरफ्तार, दुर्ग पुलिस ने 06 थानों एवं एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में म्यूल बैंक खातों का किया खुलासा*
▪️ साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने 06 थानों एवं एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की
▪️ जांच में सामने आया कि आरोपी 5,000 से 15,000 रुपये तक के कमीशन के लालच में अपने अथवा अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा रहे थे।
▪️ आरोपियों द्वारा बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाने का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन एवं हस्तांतरण में किया जा रहा था।
▪️ बैंक खातों के विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न बैंक खातों में लाखों रुपये से अधिक की संदिग्ध लेन-देन राशि सामने आई।
▪️ थाना नेवई, पुरानी भिलाई, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर, सुपेला एवं खुर्सीपार क्षेत्र में कार्रवाई कर बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन एवं अन्य दस्तावेज जप्त किए गए।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत दुर्ग पुलिस द्वारा दिनांक 21.10.2026 को छह थाना क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई की गई। बैंक खातों के विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर कुल 13 व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। जांच का उद्देश्य साइबर ठगी की रकम के अवैध हस्तांतरण में प्रयुक्त बैंक खातों की पहचान कर संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाना है।
साइबर अपराधियों द्वारा ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर उसकी वास्तविक प्रकृति एवं स्रोत छिपाने के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग किया जाता है। ऐसे खातों का संचालन करने वाले व्यक्तियों को प्रायः कमीशन अथवा अन्य आर्थिक लाभ का लालच दिया जाता है।
दुर्ग पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बैंक खातों की जानकारी, उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों एवं अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा 5,000 से 15,000 रुपये तक के कमीशन अथवा प्रतिफल के बदले अपने या अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड अन्य लोगों को उपलब्ध कराए गए थे।
प्रारंभिक जांच में इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन एवं हस्तांतरण में होना पाया गया। संबंधित खातों में लाखों रुपये से अधिक की लेन-देन राशि सामने आने पर पुलिस द्वारा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करते हुए कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई में थाना नेवई, पुरानी भिलाई, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर, सुपेला एवं खुर्सीपार पुलिस तथा एसीसीयू की टीम शामिल रही।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपियों द्वारा कमीशन अथवा आर्थिक लाभ के लालच में बैंक खाते एवं उनसे संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करने तथा उसके लेन-देन को संचालित करने के लिए किया गया। इस प्रकार खाताधारकों के बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराधों से अर्जित धनराशि के हस्तांतरण में किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
थाना एवं अपराध क्रमांक का विवरण
थाना नेवई: अपराध क्रमांक 306/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
थाना पुरानी भिलाई: अपराध क्रमांक 258/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
थाना भिलाई भट्ठी: अपराध क्रमांक 63/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
थाना भिलाई नगर: अपराध क्रमांक 388/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
थाना सुपेला: अपराध क्रमांक 679/2026 एवं 1321/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
थाना खुर्सीपार: अपराध क्रमांक 272/2026, धारा 318(2), 318(3), 317(4) बीएनएस।
आरोपी का नाम
थाना नेवई — 04 आरोपी
प्रेक्षित कामड़े, उम्र 28 वर्ष, निवासी आजाद चौक, झिरिया पारा, रूआबांधा, थाना भिलाई नगर।
सत्यवान नायक, उम्र 21 वर्ष, निवासी केएलसी क्वार्टर क्रमांक 36 एफ, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार।
रैय्या माधव राव, उम्र 48 वर्ष, निवासी बापू नगर, जोन-2, सेक्टर-11, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार।
रमेश कुमार कुर्रे, उम्र 55 वर्ष, निवासी सड़क-15, बी ब्लॉक, क्वार्टर क्रमांक 7/3, सेक्टर-2, थाना भिलाई भट्ठी।
थाना पुरानी भिलाई — 03 आरोपी
विनोद कश्यप, उम्र 36 वर्ष, निवासी धौराभाठा, उतई, थाना उतई।
भावेश उइके, उम्र 27 वर्ष, निवासी प्रियदर्शनी मार्केट, जोन-2, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार।
ऋषभ यादव, उम्र 22 वर्ष, निवासी तालाब के पास, शीतला मंदिर वार्ड, अहिवारा, थाना नंदिनी।
थाना भिलाई भट्ठी — 01 आरोपी
कुलेश्वर ठाकुर, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम गबदी पारा, थाना पाटन।
थाना भिलाई नगर — 02 आरोपी
गगनदीप सिंह, उम्र 25 वर्ष, निवासी कैंप-1, प्रगति नगर, छावनी, थाना छावनी।
अनिश अग्रवाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी लिंक रोड, कैंप-2, थाना छावनी।
थाना सुपेला — 02 आरोपी
आनंद शंकर, उम्र 42 वर्ष, निवासी दुर्गा मंदिर, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार।
नितिन वालेचा, उम्र 31 वर्ष, निवासी मछली मार्केट, जोन-2, काली मंदिर के पास, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार।
थाना खुर्सीपार — 01 आरोपी
हिमांशु गोडांने उर्फ कालू, उम्र 31 वर्ष, निवासी सत्यभामा चौक, डीपीसी ग्राउंड, शंकर नगर, दुर्ग, थाना दुर्ग। (इंडियन बैंक का एजेंट)
जप्त सामग्री
बैंक पासबुक।
एटीएम कार्ड।
चेकबुक।
मोबाइल सिम कार्ड।
मोबाइल फोन एवं अन्य संबंधित दस्तावेज।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में थाना नेवई, पुरानी भिलाई, भिलाई भट्ठी, भिलाई नगर, सुपेला एवं खुर्सीपार की पुलिस टीमों तथा एसीसीयू के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संबंधित बैंक खातों के विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों के परीक्षण एवं विभिन्न थाना क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई के माध्यम से संदिग्ध खाताधारकों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन अथवा आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, बैंकिंग संबंधी जानकारी या मोबाइल सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। आपके बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने अथवा हस्तांतरित करने में किया जा सकता है, जिससे आप भी जांच एवं कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
यदि आपके बैंक खाते या अन्य बैंकिंग साधनों का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है, तो तत्काल संबंधित बैंक एवं नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
आपका बैंक खाता, आपकी जिम्मेदारी — कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते का उपयोग साइबर अपराधों के लिए न होने दें।

